मुर्खता दिवस ( Single Iznogoud Comics Printed in Hindi)

Saturday, July 10, 2010 by: PBC

एक खुशखबरी  है: अपने रफ़ीक भाई - जो पिछले साल से  पतिश्री की सफल भूमिका अदा कर रहे  हैं, ७ जुलाई २०१० से  पिताश्री की  भूमिका को  भी बहादुरी के साथ निभाना शुरू कर दिया है| पुत्ररत्न का नाम वो खुद ही समय आने पे बताएँगे|
मेरी  ऊपरवाले से पार्थना है कि "छोटे रफ़ीक" खलीफा हारून की तरह  सौम्य और  सौभाग्यशाली नायक हों, जिनपे Iznogoud स्वरूप  लोगों की बुरी नियत से तनिक भी आंच ना आये|
हम सभी की तरफ से उनके सम्पूर्ण परिवार को हार्दिक बधाइयाँ! 







इस खुशी के पल में प्रस्तुत है,  अनुराग भाई के अनमोल खजाने से एक अति दुर्लभ कॉमिक: 
हिंदी में एकमात्र प्रकाशित  Iznogoud कॉमिक - मुर्खता दिवस


इस किरदार के लेखक   Rene  Goscinny कृत  Astérix और Lucky Luke को कौन नहीं जानता है|  वैसे तो अभी तक मात्र २८ फ्रेंच में छपे हैं|  भारतवर्ष में १२ अंग्रेजी में उपलब्ध हैं,  १२ और भी जल्दी ही आने वाले हैं| लेकिन न इससे पहले, न ही इसके बाद हिंदी पाठकों को यह सौभाग्य हासिल हो पाया है| 

स्वर्गवासी रेने की तरह शायद ही कोई ऐसा कॉमिक्स लेखक है जिसके तीनों किरदार इतने  सालों बाद भी  विश्व के लोकप्रिय कॉमिक्स नायक हों|  ये किस श्रेणी की कला हैं कहने की जरुरत नहीं, इन कॉमिक्सों को किशोरों से बुजुर्ग वर्ग तक पढ़ने में तनिक भी संकोच नहीं करता |

सार: बगदाद  के बेहद ही सौम्य खलीफा Haroun El Poussah (हारून अल पौस्साह) का प्रिय प्रमुख वजीर Iznogoud है| लेकिन उसके  जीवन में एकमात्र उद्देश्य है, खलीफा हारून का पराभव और खुद ही  खलीफा बनना
 
वैसे तो खलीफा की नज़र में  उसका प्रमुख वजीर  हमेशा वफादार अनुयायी रहता है, लेकिन कैसे अपना ही हर दाव Iznogoud पे उल्टा बैठता है, इस सम्पूर्ण कॉमिक्स की श्रृंखला का अभिन्न अंग है| कहने  को तो कॉमिक्स है, परत्नु क्या  वास्तविकता में हम ऐसे लोंगों को अपने आस-पास नहीं पाते हैं? ;)


खैर ये कहानी फिर कभी, आज समय है ख़ुशी मनाने का|
इस श्रृंखला के  बारे में कुछ विशेष विवरण रफ़ीक भाई के ब्लॉग पे उपलब्ध है:  कृपया यहाँ क्लिक करें 




यह कॉमिक अनुराग द्वारा स्कैन की गई है, सारा श्रेय उनको जाता है| सफाई करने में मेरे कुछ पल भी शामिल हैं|